होने से न होने तक पाठकीय प्रतिक्रिया : ए के सिद्दीकी
पाठकीय प्रतिक्रिया
पिछले दिनों हिंदी और अंग्रेजी की कवयित्री ..रजनी छाबड़ा ने बेंगलोर से मुझे अपना काव्य संग्रह होने से न होने तक भेजा /रजनी जी प्रसिद्ध नुमेरोलोजिस्ट हैं कविता सृजन के इलावा उर्दू ,इंग्लिश,पंजाबी,राजस्थानी में काफी अनुवाद का कार्य किया है ..रजनी जी फेसबुक पे काफी शुरुआत के दिनों की मित्र रही हैं ,,,और मुझ ख़ाकसार को इस काबिल समझा की मुझे अपनी रचनाओ से वाक़िफ़ कराया ...'होने से न होने तक ' में बहुत ही सहल शब्दों में जिंदगी के बहुत सारे पहलूओं को छूने की कोशिश की है ......धन्यवाद रजनी जी .ए के सिद्दीकी
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