गत कुछ वर्षों में मेरे काव्य संसार पर जो समीक्षाएं सुधि आलोचकों एवं समीक्षकों ने लिखी और मैंने जो समीक्षाएं लिखी, समय के अभाव के कारण, मैं उन्हें संकलित नहीं कर पायी/ आज अपने इस नवीन ब्लॉग 'तीसरी आँख ' में इनका संचयन किया है और भविष्य में इस ब्लॉग के माध्यम से आप तक समीक्षा पहुँचाने का सिलसिला बना रहा, इसके लिए प्रयासरत रहूंगी/ आपकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा/
रजनी छाबड़ा
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